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निःशुल्क शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का संदेश, लुम्बाराम मेघवाल ने 886 छात्रों को बिना फीस लिए पढ़ाया

  • लुम्बाराम मेघवाल ने सिरोही जिले के पाडीव, मांकरोड़ा, धान्ता और सिन्दरथ के चार विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षादान के जरिए 886 छात्रों को प्रेरित किया।
  • उन्होंने छात्रों को जल-बिजली बचत, दहेज प्रथा उन्मूलन, और राष्ट्रभक्ति का महत्व समझाया।
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सिरोही जिले के पाडीव, मांकरोड़ा, सिन्दरथ और धान्ता के राजकीय विद्यालयों में नेताजी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लुम्बाराम मेघवाल ने निःशुल्क शिक्षादान के माध्यम से 886 छात्र-छात्राओं को शिक्षा के महत्व और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सबका साथ, सबका विकास” नीति के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों को राष्ट्रीय एकता, जल-बिजली बचत, नारी सशक्तिकरण, और सामाजिक कुरूतियों जैसे दहेज प्रथा व बाल विवाह के उन्मूलन का महत्व बताया गया।

शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर जोर

कार्यक्रम के दौरान लुम्बाराम मेघवाल ने छात्रों को आजादी के महानायकों नेताजी सुभाषचंद्र बोस, शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह और महात्मा गांधी के योगदान से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए इन नायकों के विचारों को अपनाना चाहिए।

चार विद्यालयों में शिक्षादान अभियान

इस अभियान के अंतर्गत पाडीव में 315, मांकरोड़ा में 225, धान्ता में 184 और सिन्दरथ में 162 छात्रों को शिक्षा दी गई। इस अभियान के तहत छात्रों को चित्रकला, पर्यावरण संरक्षण, और भ्रष्टाचार उन्मूलन जैसे विषयों पर जागरूक किया गया।

प्रधानाचार्यों की सराहना

कार्यक्रम में लुम्बाराम मेघवाल ने पाडीव विद्यालय के प्रधानाचार्य हितेश कुमार लौहार और सिन्दरथ विद्यालय की प्रधानाचार्य नंदिता माथुर की कार्यशैली की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रधानाचार्यों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

नेताजी राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा

लुम्बाराम मेघवाल ने घोषणा की कि आगामी 23 जनवरी 2026 को “नेताजी राष्ट्रीय पुरस्कार” प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाएगा जो शिक्षा और राष्ट्रहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करेंगे।

सामाजिक कुरूतियों के खिलाफ जागरूकता

अभियान के दौरान छात्रों को जल और बिजली की बचत, पर्यावरण संरक्षण, और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, नारी चेतना को बढ़ावा देने और बाल विवाह व दहेज प्रथा के उन्मूलन पर विशेष चर्चा की गई।

कार्यक्रम में अनेक शिक्षकों और छात्रों की भागीदारी

इस अवसर पर पाडीव विद्यालय के प्रधानाचार्य हितेश कुमार लौहार, मांकरोड़ा विद्यालय के प्रधानाचार्य तरुण कुमार मौजूद रहे। वहीं धान्ता विद्यालय के प्रधानाचार्य राधेश्याम शर्मा और सिन्दरथ विद्यालय की प्रधानाचार्य नंदिता माथुर के साथ कई शिक्षक भी मौजूद रहे। इनमें अनिल कुमार, विजय कुमार, मंजु पटेल, और अन्य शिक्षक शामिल थे, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

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