- हनुमान बेनीवाल बोले- खींवसर का उपचुनाव नहीं लड़ता तो ज्योति मिर्धा दिल्ली लौट जातीं।
- पहले ही जेल जा चुका हूं, अब मुझे जेल जाने का कोई डर नहीं: हनुमान बेनीवाल।
- अग्निवीर योजना के खिलाफ दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेंगे: बेनीवाल का ऐलान।

चूरू: नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने अपने आक्रामक अंदाज में एक बार फिर केंद्र सरकार और नागौर की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा पर निशाना साधा। उन्होंने अग्निवीर योजना की तीखी आलोचना करते हुए इसे रद्द करने की मांग की और राजस्थान के युवाओं के साथ दिल्ली कूच करने का ऐलान किया।
अग्निवीर योजना के खिलाफ दिल्ली कूच की तैयारी
सरदारशहर में तेजाजी मंदिर के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने राजस्थान के युवाओं को सेना में उनकी ऐतिहासिक भूमिका की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि शेखावाटी अंचल और आसपास के जिलों के युवा देश सेवा में सदैव आगे रहे हैं। अग्निवीर योजना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “राजस्थान के नेतृत्व में हम इस योजना का विरोध करेंगे। दिल्ली में केंद्र सरकार का घेराव होगा और हम सेना का सम्मान बहाल करने के लिए मजबूर करेंगे। यहां से उठी आवाज पूरे देश में गूंजेगी और एक नई क्रांति का जन्म होगा।”
‘125 सीटों पर प्रभाव, संघर्ष से मिलती है सत्ता’
बेनीवाल ने सरदारशहर को वीरों की धरती बताते हुए समाज की ताकत को पहचानने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारी शक्ति 50-55 सीटों पर सीधा असर डालती है और कुल 125 सीटों पर हमारी उपस्थिति महसूस होती है। सत्ता रोने से नहीं मिलती, इसके लिए संघर्ष करना पड़ता है। हमें एकजुट होकर अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़नी होगी।”

ज्योति मिर्धा पर तीखा हमला
अपने प्रतिद्वंद्वी ज्योति मिर्धा पर निशाना साधते हुए बेनीवाल ने खींवसर उपचुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मुझे पूरे राजस्थान की चिंता है, न कि सिर्फ खींवसर की। मुझे डर था कि एडजस्टमेंट के नाम पर वह फिर दिल्ली न लौट जाएं। मेरे बिना वे यहां टिक नहीं पातीं।”
अब जेल जाने का खतरा नहीं, मैं पहले ही हो आया
उन्होंने कहा- “जो दागदार हैं, वे किसी भी समय जेल जा सकते हैं। इस खबर के लिए तैयार रहो। जो गलत करेगा, उसका रास्ता जेल की तरफ ही जाएगा। मैं पहले ही जेल जाकर आ चुका हूं, इसलिए मुझे कोई खतरा नहीं है। मुझ पर झूठे मामले लगाकर जेल भेजा गया, ताकि हनुमान बेनीवाल कभी उभर न सके। मेरा लगातार पीछा किया गया और हरसंभव प्रयास हुआ कि मैं राजनीतिक रूप से कमजोर हो जाऊं।”
उन्होंने आगे कहा, “फिर भी मैं आपके सामने एमएलए बनकर आया। अपना दर्द किससे साझा करूं? जिस हनुमान बेनीवाल को मारने की बातें की गईं, जिसके लिए कहा गया कि उसे जिंदा नहीं रहना चाहिए, वही आज आपके लिए संघर्ष कर रहा है।”