- करौली में भगवान मदनमोहन मंदिर से रंगों के पर्व होली की शुरुआत हुई।
- मंगला आरती के दौरान भक्तों ने भगवान के चरणों में गुलाल अर्पित किया।
- ढोल-चंग की थाप पर श्रद्धालुओं ने होली गीत गाए और रंग-अबीर उड़ाया।
- मस्तानों की टोली ने नाचते-गाते शहर की सड़कों को रंगों से भर दिया।

करौली: रंगों के पर्व होली का उल्लास पूरे देश में छाया हुआ है, और राजस्थान के करौली में इस अवसर पर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भगवान मदनमोहन के प्रसिद्ध मंदिर में होली के शुभारंभ की परंपरा के अनुसार मंगला आरती के साथ भक्तों ने भगवान के चरणों में रंग-अबीर अर्पित किया। इसके बाद मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं ने जमकर रंग-गुलाल उड़ाया और होली के गीतों पर थिरकते हुए भगवान को धन्यवाद दिया।
मदनमोहन मंदिर से शुरू हुआ उत्सव
धुलंडी के अवसर पर मदनमोहन मंदिर से मस्तानों की टोली निकली। ढोल-चंग की थाप और रंगों की बौछार के साथ भक्तों का यह उत्साह देखते ही बन रहा था। टोली के मंदिर से निकलते ही शहर की सड़कों पर रंग और गुलाल का सैलाब उमड़ पड़ा। छोटे बच्चे, युवा, और बुजुर्ग सबने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी।
गली-मोहल्लों में गूंजे होली के गीत
गली-मोहल्लों में भी होली का जश्न अपने चरम पर है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर रंग और गुलाल के साथ बधाई देते नजर आए। हर ओर “होली है!” की गूंज और लोकगीतों का माहौल बना हुआ है। इस अवसर पर आस-पड़ोस के लोग सामूहिक रूप से मिलकर त्योहार की खुशियां बांटते नजर आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
होली के उत्सव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और आपसी भाईचारे को बनाए रखने की अपील की है।
करौली की यह होली न केवल परंपरा और भक्ति का संगम है, बल्कि सामूहिक खुशी और उमंग का प्रतीक भी है। राजस्थान की इस विशेष होली का आनंद लेने के लिए देशभर से श्रद्धालु करौली पहुंचते हैं।