- 25 साल से अवैध क्लिनिक चला रहे झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया।
- मौके से भारी मात्रा में दवाइयां भी बरामद हुईं।

सिरोही जिले में स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के चलते झोलाछाप चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने शुक्रवार को पिंडवाड़ा तहसील के अचपुरा गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता निवासी अमूल समजदार को गिरफ्तार किया। वह पिछले 25 साल से अवैध क्लिनिक चला रहा था। मौके से भारी मात्रा में दवाइयां भी जब्त की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशन में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह कार्रवाई की। टीम ने आदिवासी वेशभूषा में झोलाछाप के क्लिनिक पहुंचकर उसे रंगे हाथों पकड़ा। जांच के दौरान पाया गया कि अमूल समजदार लंबे समय से बिना लाइसेंस मरीजों का इलाज कर रहा था।
मरीजों को देखने का समय बदला, हड़कंप में झोलाछाप
स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के कारण झोलाछाप चिकित्सकों ने मरीज देखने का समय सीमित कर दिया है। अब वे केवल सुबह 8 से 10 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही क्लिनिक खोल रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि झोलाछापों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।
मरीजों की जान खतरे में, आलीशान मकान में चल रहा था अवैध क्लिनिक
अमूल समजदार पिछले 25 साल से अचपुरा गांव में आलीशान मकान में अवैध क्लिनिक चला रहा था। बताया गया कि करीब 2 साल पहले उसके गलत इलाज के चलते एक बच्ची की मौत हो गई थी, लेकिन उसने मामले को पैसे के दम पर दबा दिया।