- जयपुर के करधनी इलाके में 6 मार्च 2022 को विवाहिता ने प्रेमी की हत्या कर दी।
- अवैध संबंधों से पीछा छुड़ाने के लिए महिला ने दुपट्टे से प्रेमी का गला घोंटा।
- जयपुर मेट्रो-द्वितीय की एडीजे कोर्ट-6 ने आरोपी महिला को उम्रकैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी में एक सनसनीखेज मामले में जयपुर मेट्रो-द्वितीय की एडीजे कोर्ट-6 ने अपने प्रेमी की हत्या करने वाली विवाहिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी महिला पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत में अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया कि 6 मार्च, 2022 को आरोपी महिला ने अपने प्रेमी का गला घोंटकर उसकी हत्या की थी। जज बालकृष्ण कटारा ने सबूतों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
पति के जाते ही प्रेमी से हुआ झगड़ा, सोते समय मौत के घाट उतारा
मामला जयपुर के करधनी इलाके का है, जहां आरोपी महिला और मृतक सुभाष कुमावत आमने-सामने किराए के मकानों में रहते थे। दोनों के बीच अवैध संबंध थे, लेकिन महिला अब इससे पीछा छुड़ाना चाहती थी।
6 मार्च की सुबह 7 बजे, जब महिला का पति काम पर चला गया, तो वह सुभाष के घर गई। दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनाने को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद सुभाष सो गया। इस दौरान महिला ने गुस्से में आकर उसका दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर शांत भाव से नौकरी पर चली गई।
शाम को पति को भेजा बुलाने, कमरे में मिली लाश
हत्या के बाद महिला दोपहर में वापस लौटी और लाश को देखकर फिर से काम पर लौट गई, मानो कुछ हुआ ही न हो। शाम को जब महिला घर आई तो उसने अपने पति को सुभाष के कमरे में बुलाने भेजा। जब पति वहां पहुंचा तो सुभाष मृत पड़ा था। उसने तुरंत मकान मालिक को सूचना दी।
मकान मालिक ने फौरन पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद 8 मार्च को सुभाष के भाई ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
कोर्ट में पेश हुए सबूत, गवाहों के बयान के बाद मिली सजा
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी महिला को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने महिला के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए और गवाहों के बयान दर्ज कराए।
कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर महिला को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद जयपुर के इस चर्चित केस का अंत हो गया, लेकिन यह घटना अवैध संबंधों के घातक अंजाम की एक और मिसाल बन गई।