- मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा के जवाब से पार्टी संतुष्ट नहीं हुई तो कार्रवाई होगी।
- कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को फोन टैपिंग के आरोप को असत्य बताते हुए पार्टी से कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

राजस्थान की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई जब कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को फोन टैपिंग के आरोप को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कारण बताओ नोटिस थमा दिया। पार्टी के इस कदम के बाद अब राजस्थान सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर किरोड़ी लाल मीणा का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी के संगठनात्मक अनुशासन पर जोर
नई दिल्ली में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा अनुशासन पर आधारित है। पार्टी के खिलाफ किसी भी तरह का भ्रामक बयान संगठन की छवि को प्रभावित कर सकता है, इसलिए पार्टी ऐसे मामलों पर गंभीरता से समीक्षा करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह पार्टी का आंतरिक विषय है और इसे संगठन के दायरे में ही हल किया जाएगा।
तीन दिन में देना होगा जवाब
बीजेपी ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया है। पार्टी का कहना है कि फोन टैपिंग के आरोप निराधार हैं, और इस तरह के बयान देने से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
झाबर सिंह खर्रा का बड़ा बयान
राज्य के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पाली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई पार्टी लाइन से हटकर बयान देता है और अनुशासन तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के भीतर मतभेद होते हैं और बैठकर हल निकाला जा सकता है।