- चंबल फर्टिलाइजर कंपनी से गैस रिसाव, स्कूली बच्चे बेहोश।
- प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, 9 बच्चों की हालत गंभीर।

राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जब चंबल फर्टिलाइजर कंपनी से लीक हुई अमोनिया गैस स्कूल तक पहुंच गई। गैस की तीव्रता के कारण छात्रों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और कई बच्चे बेहोश होकर स्कूल के ग्राउंड में गिर पड़े। इस दौरान कुछ बच्चों को उल्टियां भी होने लगीं।
स्कूल स्टाफ ने कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया
गैस लीक होने के बाद स्कूल कर्मचारियों ने तुरंत बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। कई बच्चों को कंधों पर उठाकर निकटवर्ती अस्पताल लाया गया। चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल लिमिटेड (CFCL) का प्लांट स्कूल की बाउंड्री से जुड़ा हुआ है, जबकि प्लांट का मुख्य गेट करीब 500 मीटर दूर स्थित है।
15 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती, 9 बच्चों की हालत गंभीर
CFCL स्थित अस्पताल के डॉक्टर आरके शर्मा ने बताया कि गैस रिसाव के बाद 15 बच्चों, एक स्कूल स्टाफ और दो स्थानीय निवासियों को अस्पताल लाया गया। इनमें से नौ बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें कोटा जिला अस्पताल रेफर किया गया।

कलेक्टर ने किया दौरा, जांच के आदेश जारी
कोटा के कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बच्चों की सेहत की जानकारी ली। अभी तक गैस लीकेज या रिलीज का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे का मंजर
स्कूल के कर्मचारी हेमंत कुमार ने बताया कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद पहले सात छात्रों को गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद पांच और छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया। तीसरी बार फिर से कुछ और छात्रों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उन्होंने बताया कि गैस के असर से उनका भी गला जाम हो गया और सिर भारी होने लगा।
CFCL का आधिकारिक बयान आया सामने
घटना के बाद CFCL कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि जैसे ही स्कूल प्रशासन ने छात्रों के असहज होने की जानकारी दी, उन्हें तुरंत प्लांट स्थित अस्पताल लाया गया। अधिकांश बच्चों की हालत सामान्य होने पर उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को जेके लोन अस्पताल रेफर किया गया।
कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया कि चंबल फर्टिलाइजर्स प्लांट उच्चतम सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नियमों के तहत संचालित होता है। यह संयंत्र आधुनिक ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस है, जो किसी भी गैस रिसाव का तुरंत पता लगा सकता है। कंपनी ने आश्वासन दिया कि सभी छात्रों के स्वास्थ्य की देखभाल में प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री बोले- गड़बड़ी साबित हुई तो होगी कार्रवाई
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा कि गैस रिसाव के कारण बेहोश हुए बच्चों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है। अब तक पांच बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि पांच अभी भी CFCL कंपनी के अस्पताल में भर्ती हैं और छह छात्राओं को कोटा के जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंत्री ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा गया था और वे पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। स्कूल के 200 अन्य बच्चों के अभिभावकों से भी संपर्क कर उनकी सेहत की जानकारी ली गई है। प्रशासन ने तीन शिक्षकों को नियुक्त किया है, जो अगले तीन दिनों तक बच्चों की सेहत पर नजर रखेंगे।