- अधिवक्ता पुरुषोत्तम की हत्या के विरोध में अजमेर समेत चार शहरों में बाजार बंद रहे।
- वकीलों ने परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की मांग की।
- डीजे साउंड बंद कराने को लेकर हुए विवाद में उनकी हत्या हुई थी।
- इस घटना के बाद से जनजीवन प्रभावित है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

अजमेर: अजमेर, पुष्कर, नसीराबाद और ब्यावर में आज बाजार पूरी तरह से बंद हैं। अधिवक्ता पुरुषोत्तम की हत्या के विरोध में वकीलों ने बंद का आह्वान किया, जिसे व्यापारिक संगठनों ने भी समर्थन दिया। अजमेर में बंद के दौरान एक मॉल में वकीलों ने तोड़फोड़ की।
‘आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग‘
अधिवक्ता पुरुषोत्तम के परिजनों ने सरकार से एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। परिजनों ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे शव नहीं लेंगे और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
बंद का असर सुबह 10 बजे के बाद से ही दिखाई देने लगा। बाजार पूरी तरह से बंद हैं, सड़कें सूनी पड़ी हैं और जनजीवन पर असर पड़ा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा की देखरेख में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
डीजे साउंड बंद कराने पर हुई थी हत्या
2 मार्च की रात अधिवक्ता पुरुषोत्तम की गांव में तेज आवाज में बज रहे डीजे साउंड को बंद कराने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद एक दर्जन युवकों ने उन पर हमला कर दिया। पिटाई से गंभीर रूप से घायल पुरुषोत्तम का इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह निधन हो गया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थिति तनावपूर्ण, परिजनों और वकीलों में आक्रोश
घटना के बाद से परिजनों और वकीलों में आक्रोश है। वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।