- राजस्थान के महाजन रेलवे स्टेशन के कर्मचारी भवानी सिंह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- हनीट्रैप और धन के लालच में आकर सेना की गोपनीय जानकारी साझा की जा रही थी।

राजस्थान के महाजन रेलवे स्टेशन पर तैनात कर्मचारी भवानी सिंह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भवानी सिंह पर आरोप है कि वह एक पाकिस्तानी महिला एजेंट के संपर्क में आकर धन और हनीट्रैप के जाल में फंसकर सेना की गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था।
सोशल मीडिया पर संपर्क से शुरू हुई साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि भवानी सिंह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी महिला एजेंट के संपर्क में आया। इसके बाद उसे धन का लालच दिया गया और हनीट्रैप का शिकार बनाकर भारतीय सेना की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को भेजने के लिए प्रेरित किया गया।
महाजन रेलवे स्टेशन का सामरिक महत्व
महाजन रेलवे स्टेशन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक स्थित है और यहां से भारतीय सेना का सामान और सैन्यकर्मी आवागमन करते हैं। इसके पास स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज भारतीय सेना का बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां से गोपनीय सूचनाओं का लीक होना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
पिछले महीने ई-मित्र संचालक की गिरफ्तारी
भवानी सिंह के अलावा, सीआईडी ने पिछले महीने महाजन कस्बे के ई-मित्र संचालक दीपक को भी गिरफ्तार किया था। दीपक पर लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने का आरोप है। छापेमारी के दौरान दीपक के ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
भवानी सिंह से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों ने भवानी सिंह से कई दिनों तक पूछताछ की। आईएसआई के लिए जासूसी करने की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पाकिस्तानी एजेंसी का हनीट्रैप नेटवर्क
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को हनीट्रैप में फंसाने के लिए महिला एजेंट्स का इस्तेमाल करती हैं। ये एजेंट पहले लोगों को प्यार में फंसाती हैं और बाद में उनसे संवेदनशील सूचनाएं लेकर आईएसआई तक पहुंचाती हैं।