- नरेश मीणा की जमानत पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
- सीएम से मुलाकात के बाद 25 फरवरी का घेराव स्थगित।

राजस्थान के देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव के दौरान एसडीएम के साथ थप्पड़कांड मामले में गिरफ्तार नरेश मीणा अभी भी जेल में हैं। 14 फरवरी को राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
अदालत ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के अपराधों में शामिल लोगों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए ताकि समाज में सही संदेश पहुंचे।
सीएम भजनलाल से मुलाकात के बाद आंदोलन स्थगित
नरेश मीणा के माता-पिता ने 19 फरवरी को जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन दिया है। इसके चलते 25 फरवरी को प्रस्तावित विधानसभा घेराव स्थगित कर दिया गया है।
आंदोलन को लेकर मीणा परिवार ने कहा कि उन्हें सरकार पर भरोसा है, लेकिन अगर 23 मार्च तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे फिर से आंदोलन पर विचार करेंगे।
घटना का बैकग्राउंड
यह मामला 2024 के राजस्थान उपचुनाव के दिन का है, जब नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद टोंक जिले के समरावता गांव में हिंसा भड़क गई। पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया था और तब से वे 14 नवंबर 2024 से जेल में हैं। इस घटना को लेकर राजस्थान के कई जिलों में बड़े आंदोलन हुए, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई।
मुलाकात में क्या हुई चर्चा?
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद नरेश मीणा के माता-पिता ने कहा कि हिंसा पीड़ितों को मुआवजा देने और मुकदमे वापस लेने की मांग पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने उनकी सभी मांगों को लेकर आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।