- चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र में नारकोटिक्स टीम ने बड़ी कार्रवाई, तस्करी की गुप्त सूचना पर इनोवा कार को रोका गया।
- पुलिस को देख तस्कर ने भागने की कोशिश की, कार में आग लगाकर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में नशे की तस्करी के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की लगातार कार्रवाई से तस्करों में दहशत फैल गई है। इसी डर में बेगूं क्षेत्र में एक तस्कर ने पकड़े जाने से बचने के लिए अपनी इनोवा कार में ही आग लगा दी, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें। हालांकि, तस्कर की यह कोशिश नाकाम रही और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा की टीम ने उसे धर दबोचा। कार से 337 किलो से ज्यादा अफीम डोडाचूरा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
पुलिस को चकमा देने की कोशिश
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा को खुफिया जानकारी मिली थी कि बेगूं उपखंड क्षेत्र के बलवंत चौराहे पर नशीले पदार्थों की बड़ी खेप आने वाली है। उप नारकोटिक्स आयुक्त नरेश बुंदेल के निर्देशन में कोटा सेल की टीम ने इस सूचना के आधार पर कार्रवाई की। जब टीम ने एक संदिग्ध इनोवा कार को रोकने का इशारा किया तो तस्कर ने गाड़ी मोड़कर पालनपुर तिराहे की ओर भागने की कोशिश की। टीम को संदेह हो गया और उन्होंने तुरंत उसका पीछा किया।
337 किलो डोडा चूरा बरामद, तस्कर गिरफ्तार
भागने के प्रयास में तस्कर ने गाड़ी में आग लगा दी और खेतों में भाग निकला। लेकिन नारकोटिक्स टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार की आग बुझाने के बाद जब टीम ने तलाशी ली तो 8 बैग मिले, जिनमें कुल 337 किलो 320 ग्राम अफीम डोडाचूरा भरा हुआ था। मौके पर ही एनडीपीएस अधिनियम-1985 के तहत मामला दर्ज कर तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच जारी, तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल में जुटी टीम
अफीम तस्करी के इस मामले में पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह खेप कहां से लाई गई थी और कहां सप्लाई की जानी थी। इसके अलावा, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए भी जांच जारी है।