
पाली में डाकघरों में हुए लाखों रुपए के घोटाले में सीबीआई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को सीबीआई की टीम ने रिटायर्ड सब पोस्ट मास्टर भगवती प्रसाद के घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई सुबह 7 बजे शुरू हुई और देर रात तक चली। इस दौरान टीम ने मकान से बरामद ज्वैलरी का वजन करने के लिए ज्वैलर को भी बुलाया।
जानकारी के अनुसार, डाकघरों में पैसे जमा कराने वाले कई गरीब लोगों के खातों से लाखों रुपए गबन कर लिए गए। गबन का खुलासा तब हुआ, जब खाताधारक अवधि पूरी होने के बाद पैसे निकालने पहुंचे, लेकिन न तो उन्हें उनके पैसे मिले और न ही खातों की जानकारी। डाकघर का रिकॉर्ड भी गायब कर दिया गया था। इस मामले में डाकघर अधीक्षक आरसी मीणा ने 5 फरवरी को जोधपुर सीबीआई में शिकायत दर्ज करवाई थी।
14 घंटे चला सीबीआई का सर्च
शनिवार को सीबीआई की टीम रिटायर्ड सब पोस्ट मास्टर भगवती प्रसाद के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आलीशान मकान पर पहुंची। दो मंजिला मकान में टीम ने गहन तलाशी ली और संपत्ति व वाहनों की जानकारी जुटाई। इस दौरान मकान के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात कर आवाजाही बंद कर दी गई। 14 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद टीम रात 9 बजे रवाना हुई।

घोटाले में 13 लोगों ने की शिकायत
पाली के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र के उप डाकघर में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) योजना में गड़बड़ी के आरोप में 13 लोगों ने 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। विभागीय जांच के बाद डाकघर अधीक्षक ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा।
निष्पक्ष जांच की मांग
घोटाले के खिलाफ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के निमित लश्करी ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने इस मामले में डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने जिला कलेक्टर से भी मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
जानिए, इस केस में अबतक कब-क्या हुआ?
- 31 दिसंबर 2024: स्थायी लोक अदालत में सबसे पहले तीन पीड़ितों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई।
- 3 जनवरी 2025: पाली डाकघर अधीक्षक आरसी मीणा ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया।
- 5 फरवरी 2025: डाकघर अधीक्षक आरसी मीणा ने इस घोटाले की जांच के लिए CBI जोधपुर में शिकायत दी।
- 8 फरवरी 2025: जोधपुर से CBI टीम सुबह 7 बजे पाली के नया गांव इलाके में रिटायर्ड पोस्ट मास्टर भगवती प्रसाद के घर सर्च के लिए पहुंची।