- पावापुरी तीर्थ की 24वीं वार्षिक बैठक में 25वें वर्ष के आयोजन पर चर्चा।
- रजत जयंती महोत्सव के तहत हायर सेकेंडरी स्कूल, समाधि मंदिर और धार्मिक अनुष्ठानों की घोषणा।

सिरोही। राजस्थान के प्रतिष्ठित श्री पावापुरी तीर्थ जीव मैत्री धाम ट्रस्ट की 24वीं वार्षिक बैठक भव्य रूप से संपन्न हुई। इस बैठक में ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर भाई संघवी की अध्यक्षता रही, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में श्रेष्ठिवर्य अमिश भाई विनोद भाई शाह उपस्थित थे। बैठक की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भगवान श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई।
ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य किशोर भाई संघवी और कीर्ति भाई ने मुख्य अतिथि का साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिनमें रजत जयंती महोत्सव की रूपरेखा, तीर्थ की उपलब्धियां, धार्मिक आयोजन और सामाजिक सरोकार से जुड़े फैसले लिए गए।
पावापुरी तीर्थ की 25 वर्षों की उपलब्धियां
बैठक में ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पिछले 25 वर्षों की उल्लेखनीय उपलब्धियों का ब्योरा दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार:
✔ 86 लाख 47 हजार 586 श्रद्धालु अब तक पावापुरी तीर्थ में दर्शन कर चुके हैं।
✔ पिछले 25 वर्षों से प्रतिदिन औसतन 1000 श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।
✔ 26 लाख 61 हजार 30 यात्रियों ने रात्रि विश्राम किया।
✔ 1 करोड़ 64 लाख 10 हजार 73 श्रद्धालुओं ने भोजनशाला में प्रसाद ग्रहण किया।
✔ गोशाला में औसतन 5719 गोवंश का लालन-पालन किया जा रहा है।
✔ वर्ष 2024 में तीर्थ में 671 साधु-साध्वीजी का आगमन हुआ।
✔ इस वर्ष 43 संघों ने यात्रा की, 6 बड़े पूजन और 4 वाचन शिविर आयोजित हुए।
इसके अलावा, तीर्थ के स्टाफ की समर्पण भावना और टीम वर्क की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं ने 2908 रुपये नकद और उपहार किट भेंट की।

रजत जयंती महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी
ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर भाई संघवी ने पावापुरी तीर्थ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर “रजत जयंती महोत्सव” मनाने की घोषणा की। इस महोत्सव को स्मरणीय और भव्य बनाने के लिए ट्रस्ट ने कई विशेष योजनाओं पर काम करने का निर्णय लिया।
रजत जयंती महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम:
🔹 मालगांव में हायर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण – ट्रस्ट ने निर्णय लिया कि 14 अप्रैल 2025 को मालगांव में नए स्कूल भवन का शिलान्यास किया जाएगा।
🔹 आचार्य श्री उदयवलभ सुरिजी की निश्रा में भव्य उपधान – इसमें साधु-साध्वियों, संघों और श्रद्धालुओं की विशेष भागीदारी रहेगी।
🔹 पोषदशमी मेला – यह एक विशाल धार्मिक आयोजन होगा, जिसमें देशभर से जैन श्रद्धालु शामिल होंगे।
🔹 आचार्य भगवंत मेघवल्लभसूरीजी का समाधि मंदिर निर्माण– यह तीर्थस्थल की ऐतिहासिक विरासत को और मजबूत करेगा।
किशोर भाई संघवी ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने सभी ट्रस्टियों से अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत करने और इन्हें लागू करने में सहयोग देने की अपील की।
पावापुरी तीर्थ: जीवदया और सेवा का एक प्रेरणादायक केंद्र
बैठक के दौरान आचार्य श्री उदयवलभ सुरिजी ने ट्रस्ट मंडल को हित शिक्षा प्रदान करते हुए कहा कि पावापुरी तीर्थ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि जैन समाज के लिए एक लैंडमार्क और जीवदया का धाम है।
उन्होंने कहा कि पावापुरी तीर्थ की सफलता का रहस्य यहां की उत्कृष्ट प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें:
✔ लंबी सोच और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता
✔ संस्था के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता
✔ सकारात्मकता और पारदर्शिता
✔ संघ और ट्रस्ट मंडल के बीच मजबूत एकता
ट्रस्ट के निर्माता परिवार के नियम:
पावापुरी तीर्थ ट्रस्ट का एक अनूठा नियम है कि निर्माता परिवार के 13 सदस्यों के लिए वर्ष में 6 बार तीर्थ आना अनिवार्य है। यदि कोई सदस्य इस नियम का पालन नहीं करता है, तो प्रत्येक अनुपस्थित यात्रा के लिए उसे 5 लाख रुपये जीवदया कोष में जमा करने होते हैं। पिछले 25 वर्षों में किसी भी सदस्य ने इस नियम का उल्लंघन नहीं किया।
ट्रस्ट मंडल ने किया संघवी परिवार का सम्मान
बैठक में के पी संघवी परिवार के 23 ट्रस्टी उपस्थित थे। इस दौरान ट्रस्टी नवलमल तातेड़ परिवार मारोल की ओर से पैदल संघ निकालने पर “संघवी” की उपाधि मिलने पर उन्हें सम्मानित किया गया और शुभकामनाएं दी गईं।