
-मोदी का पारदर्शी सिस्टम बनाम पुरानी व्यवस्था
-रोजमर्रा की चीज़ें होंगी सस्ती। जानिए क्या होंगे नए बदलाव
जयपुर, 13 सितंबर 2025।
राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि भारत में मोदी युग एक क्रांति का युग बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं। इसी क्रम में अब देश को मिलने जा रहा है GST नेक्स्ट जेन सुधार, जो 22 सितंबर से नवरात्रि के शुभ अवसर पर लागू होगा।
क्या है GST नेक्स्ट जेन सुधार?
तिवाड़ी ने बताया कि पहले की तुलना में अब टैक्स स्लैब की संख्या घटाकर केवल 5% और 12% रह जाएगी। पहले जीएसटी में 5%, 12%, 18% और 28% की चार स्लैब थीं। अब दो स्लैब हटाकर सिस्टम को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाया गया है।
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कौन-कौन सी चीजें होंगी सस्ती?
दूध, दही, चाय, आटा, चावल, इडली-डोसा, मिठाइयाँ और चॉकलेट — या तो टैक्स फ्री होंगी या न्यूनतम दर पर मिलेंगी।
दवाइयाँ टैक्स मुक्त की गई हैं।
मेडिकल उपकरणों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% किया गया है।
कृषि उपकरण, वाहन और कपड़ा उद्योग को भी राहत मिलने वाली है।
भाजपा चलाएगी जागरूकता अभियान
तिवाड़ी ने बताया कि भाजपा ने प्रदेश और जिला स्तर पर कमेटियाँ गठित की हैं, जो GST सुधारों को लेकर आमजन को जागरूक करेंगी। उन्होंने कहा, “यह कर सुधार देश के हर वर्ग — किसान, महिला, युवा, व्यापारी और उद्योगपति — के हित में है।”
सांसद ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व पीएम राजीव गांधी ने माना था कि “केंद्र से भेजा गया 1 रुपया, जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचता है।” जबकि मोदी सरकार ने DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और तकनीक के माध्यम से पूरा लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने का कार्य किया है।
तिवाड़ी ने बताया कि जहां आवश्यक वस्तुएं सस्ती की गई हैं, वहीं विलासिता की वस्तुओं पर 40% तक टैक्स लगाया गया है। यह नीति दर्शाती है कि सरकार गरीब और मध्यम वर्ग को प्राथमिकता दे रही है।



