- संयम लोढा ने राजस्थान में कठपुतली मुख्यमंत्री बनाए जाने पर निशाना साधा। कहा, सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में असमर्थ है।
- एसटी बालिकाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर।
- केंद्र सरकार पर सरकारी संपत्तियां बेचने और कर्जमाफी न करने का आरोप।

सिरोही: पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढा ने सिरोही के रोवाडा स्थित ठाकुर जी मंदिर में आयोजित मीणा समाज के स्नेह मिलन कार्यक्रम में राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पर्ची से कठपुतली मुख्यमंत्री बनाए जाने से जनता की ताकत कमजोर हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं, जिससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं ठप पड़ी हैं।
लोढा ने सिरोही जिले में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की बात अधिकारी नहीं सुन रहे, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा? उन्होंने कहा, “जनता ने हमें चुनकर भेजा है, लेकिन अगर वही जनता परेशान है, तो ऐसी जीत का कोई मतलब नहीं।”
‘जनहित की योजनाओं में आ रही रुकावट’
संयम लोढा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने बिजली क्षेत्र में छूट दी थी, लेकिन भाजपा सरकार उसमें रोड़ा अटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है।

एसटी बालिकाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सिरोही में एसटी लड़कियों के लिए होस्टल का निर्माण किया जा रहा है। “शिक्षा के बिना जीवन का कोई महत्व नहीं। हमें बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना होगा,” उन्होंने कहा।
केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
मनमोहन सिंह सरकार के समय किसानों की कर्जमाफी का जिक्र करते हुए लोढा ने कहा कि उस समय 85 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ हुआ था।
उन्होंने भाजपा सरकार पर एयरपोर्ट, बैंक, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। “हमें सोचने की जरूरत है कि यह सरकार जनता के साथ किस प्रकार का खिलवाड़ कर रही है।”
इस कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष रताराम देवासी, मंडल अध्यक्ष नारायण रावल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।