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मनरेगा मजदूरों को नहीं मिली पेमेंट, 5 पखवाड़े से कर रहे इंतजार, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने उठाई आवाज

  • राजस्थान में मनरेगा मजदूरों को पिछले पांच पखवाडे से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।
  • पूर्व विधायक संयम लोढा ने ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव से इस मुद्दे पर चर्चा की।
  • केंद्र सरकार द्वारा राशि जारी नहीं किए जाने के कारण मजदूरी भुगतान रुका हुआ है।
Rajasthan MNREGA Workers Await Wages for Over Five Fortnights" | "राजस्थान में मनरेगा मजदूरों का भुगतान लंबित

शिवगंज। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्य कर रहे प्रदेश के लाखों मजदूरों को पिछले पांच पखवाडे से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। यह जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा और ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा के बीच हुई बातचीत में सामने आई।

मनरेगा कानून के अनुसार, मजदूरी का भुगतान पखवाडा समाप्त होने के दस दिन के भीतर किया जाना चाहिए। हालांकि, यह प्रावधान विफल साबित हो रहा है। बुधवार को सिरोही जिले के राडबर गांव में मनरेगा कार्य स्थल पर श्रमिकों ने लोढ़ा को भुगतान न होने की शिकायत की।

ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

इस मामले में लोढ़ा ने तुरंत श्रेया गुहा से संपर्क किया। बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार की ओर से राशि जारी नहीं की गई है, जिसके कारण राज्य सरकार मजदूरों को भुगतान नहीं कर पा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि अप्रैल महीने में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।

मजदूरों की स्थिति पर पूर्व विधायक ने जताई चिंता

लोढ़ा ने अपने दौरे के दौरान मजदूरों से बातचीत की। श्रमिकों ने बताया कि पिछले पांच पखवाडे से उन्हें भुगतान नहीं हुआ है। यह समस्या न केवल सिरोही जिले में, बल्कि पूरे प्रदेश में बनी हुई है। मजदूरों को उनकी मेहनत की कमाई न मिलने से त्योहारों पर भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

मनरेगा कानून की धज्जियां उड़ाने का आरोप

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को टैग करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार मजदूरों को उनका हक दिलाने में विफल रही है। लोढ़ा ने सरकार से गरीब मजदूरों पर तरस खाते हुए जल्द से जल्द मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की है।

पखवाडा समाप्ति के दस दिन में भुगतान का प्रावधान

मनरेगा कानून के अनुसार, पखवाडा समाप्त होने के दस दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए। ऐसा न होने पर मजदूरों को अतिरिक्त मजदूरी दी जानी चाहिए। लेकिन पांच पखवाडे बीत जाने के बाद भी मजदूरों को भुगतान नहीं हुआ है।

सरकार की इस लापरवाही ने गरीब मजदूरों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

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