- बिजलीघरों को राहत: राजस्थान के बिजलीघरों में कोयले की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ की परसा खदान से खनन शुरू।
- तीन खदानों का आवंटन: केंद्र सरकार ने राजस्थान को परसा, पीईकेबी और केंटे एक्सटेंशन खदानें आवंटित की हैं।

राजस्थान के बिजलीघरों में कोयले की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ स्थित परसा खदान में खनन का कार्य शुरू हो चुका है। इस कदम से राज्य में बिजली उत्पादन को और मजबूती मिलेगी। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि प्रदेश के विद्युतगृहों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
राजस्थान को आवंटित 3 खदानें, 2 में शुरू हुआ खनन
केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय ने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को छत्तीसगढ़ में तीन कोयला खदानें आवंटित की हैं। इनमें ‘परसा ईस्ट एवं कांता बासन (पीईकेबी)’, ‘परसा’, और ‘केंटे एक्सटेंशन’ शामिल हैं।
फिलहाल, पीईकेबी खदान से कोयले की आपूर्ति हो रही थी। अब परसा खदान से भी खनन शुरू होने से कोयले की उपलब्धता और बेहतर हो गई है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही तीसरी खदान ‘केंटे एक्सटेंशन’ से भी खनन शुरू करने के प्रयास कर रही है।
सरगुजा जिले के ‘केंटे एक्सटेंशन’ ब्लॉक पर फोकस
ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में सरगुजा जिले के ‘केंटे एक्सटेंशन’ ब्लॉक से कोयला निकालने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इस परियोजना में छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार का समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उम्मीद है कि जल्द ही इस ब्लॉक से भी खनन शुरू होने से राज्य के बिजलीघरों को और अधिक कोयला उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पर्याप्त आपूर्ति से बिजली उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद
राजस्थान सरकार के इस कदम से बिजलीघरों को कोयले की आपूर्ति में सुधार होगा। इससे राज्य में बिजली उत्पादन में स्थिरता आएगी और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।