- जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में चार साल पहले आरएएस अधिकारी की बहन की हत्या हुई थी।
- अदालत ने पड़ोसी युवक कृष्णकांत शर्मा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियुक्त ने गहने और नकदी लूटकर हत्या को अंजाम दिया था।

जयपुर: चार साल पहले जयपुर के मानसरोवर इलाके में हुए चर्चित हत्याकांड में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। आरएएस अफसर युगांतर शर्मा की बहन विद्या शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने पड़ोसी युवक कृष्णकांत शर्मा को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है। एडिशनल कोर्ट-4 के जज रविकांत जिंदल ने आरोपी पर 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
गवाहों और सबूतों के आधार पर दोषी करार
अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक मुकेश कुमार गुर्जर ने इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज कराए। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 जनवरी 2021 को मृतका के भाई और तत्कालीन एसडीएम युगांतर शर्मा ने शिप्रा पथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राजेश जैन ने सूचना दी थी कि उनकी बहन पहली मंजिल पर रेलिंग से बंधी हुई मिली है। मौके पर पहुंचने पर मृतका का मुंह और हाथ बंधे हुए थे और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी।
झगड़े से शुरू हुई वारदात
पुलिस जांच में पता चला कि मृतका विद्या शर्मा और आरोपी कृष्णकांत शर्मा के बीच अक्सर कुत्ते को लेकर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी सुबह दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद आरोपी ने हत्या की योजना बनाई।
हत्या के बाद लूटपाट
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने छत से मृतका के घर में घुसकर उसे बंधक बनाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद महिला के गहने और नकदी लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने सबूतों और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर कृष्णकांत शर्मा को गिरफ्तार किया। अदालत ने इन सभी साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।