- चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित सांवलिया सेठ मंदिर का दानपात्र डेढ़ महीने बाद होली पर खोला गया।
- पहले चरण की गिनती में ₹7 करोड़ 55 लाख नकदी गिनी गई।
- दूसरे चरण में 17 मार्च को सोने-चांदी और विदेशी मुद्रा की गिनती होगी।

चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ का दानपात्र डेढ़ महीने बाद होली के अवसर पर खोला गया। आज (14 मार्च) को भगवान की राजभोग आरती के बाद दानपात्र खोला गया। पहले चरण की गिनती में अब तक 7 करोड़ 55 लाख रुपये की नकदी गिनी जा चुकी है। मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की गई।
अब दूसरे चरण की गिनती 17 मार्च को शुरू होगी, जिसमें दान में आए सोना-चांदी और विदेशी मुद्राओं की गिनती की जाएगी। गिनती स्थल पर सीसीटीवी और मैनुअल कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है।
अगले चरण में गिने जाएंगे सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा
पहले चरण में केवल नकदी की गिनती पूरी की गई है। आगामी चरण में सोना-चांदी, विदेशी मुद्रा और भेंट कक्ष, कार्यालय, व ऑनलाइन चढ़ावे की भी गिनती की जाएगी।
सांवलिया सेठ के भक्तों की अटूट आस्था
श्रद्धालुओं का मानना है कि श्री सांवलिया सेठ उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसी वजह से भक्त अपनी इच्छाएं पूरी होने पर दानपात्र में नकदी, सोना-चांदी, और अन्य भेंट चढ़ाते हैं। मन्दिर में प्रतिदिन करीब एक लाख भक्त दर्शन करने आते हैं।
साल में 11 बार खोला जाता है भंडार
श्री सांवलिया सेठ का भंडार साल में 11 बार खोला जाता है। होली और दीपावली जैसे प्रमुख अवसरों पर इसे लंबे अंतराल के बाद खोला जाता है। होली पर डेढ़ महीने और दीपावली पर दो महीने बाद भंडार खोला जाता है।
यह आयोजन भक्तों की आस्था और भगवान सांवलिया सेठ के प्रति उनकी श्रद्धा का जीवंत प्रमाण है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, दानपात्र की गिनती पूरी होने के बाद इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।