शिवगंज। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने रविवार को पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात की और वर्ष 2023-24 के बजट में सिरोही में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की घोषणा के बाद, पशुपालन विभाग द्वारा भूमि आवंटन किए जाने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य की स्वीकृति नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने जनहित में इस कार्य को शीघ्र शुरू करने की मांग की। पशुपालन मंत्री ने लोढ़ा को आश्वस्त किया कि इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व विधायक लोढ़ा ने मंत्री कुमावत को बताया कि राजस्थान सरकार ने वर्ष 2023-24 के बजट में सिरोही में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने 75 बीघा भूमि की मांग की थी, जिसे सिरोही जिला कलेक्टर द्वारा आवंटित किया गया और तहसीलदार ने भूमि का नामांतरण पशुपालन विभाग के नाम कर दिया।
लोढ़ा ने आगे बताया कि इस प्रक्रिया के बाद अक्टूबर 2023 में विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई थी। दिसंबर 2023 में नई सरकार बनने के बाद, इस महाविद्यालय के निर्माण के लिए निविदा जारी की जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। लोढ़ा ने पशुपालन मंत्री को यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले में पहले भी फोन पर चर्चा की थी, और मंत्री ने जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
लोढ़ा ने यह भी कहा कि सिरोही जिला नीति आयोग द्वारा देश के सबसे पिछड़े जिलों में शामिल किया गया है, और यहां की बड़ी आबादी पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में इस क्षेत्र में वेटनरी कॉलेज की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उन्होंने पशुपालन विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव विकास सीतारामजी भाले और उनके स्थानांतरण के बाद नए प्रमुख सचिव डॉ. समित शर्मा से भी संपर्क किया था।
पशुपालन मंत्री कुमावत ने लोढ़ा को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।