- अजमेर के अनासागर झील के वेटलैंड और ग्रीन बेल्ट पर हुए अवैध निर्माण की जांच में सरकार सख्त।
- दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा, यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने कहा।
- महाराणा सांगा पर विवादित बयान देने वाले नेताओं को मंत्री ने “राष्ट्रद्रोही” करार दिया।

अजमेर में अनासागर झील के आसपास वेटलैंड और ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाने का फैसला किया है। नगरीय विकास मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच जारी है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अजमेर नगर निगम के एक समारोह में बोलते हुए खर्रा ने विक्रम समारोह के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा, “इस तरह के कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रचार-प्रसार के लिए बेहद जरूरी हैं। जब तक नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से अवगत नहीं कराया जाएगा, तब तक सभ्यता का समुचित विकास संभव नहीं है।”
“नेताओं को इतिहास और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए”
महाराणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान के मुद्दे पर मंत्री खर्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कुछ नेता विवादित बयान देकर समाज में अराजकता फैलाते हैं। यह राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। हर व्यक्ति को अपनी सोच के अनुसार बोलने का अधिकार है, लेकिन ऐसे नेताओं को इतिहास और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।”
“जनता ने गहलोत को नकारा, अब वे निराशा में बयानबाजी कर रहे हैं”
यूडीएच मंत्री खर्रा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का कार्य रचनात्मक आलोचना करना है, लेकिन अनावश्यक बयानबाजी करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “जनता ने गहलोत को नकार दिया है, और अब वे निराशा में आकर इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं।”