spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeराजस्थानविश्वास बिल्ड होम प्रोजेक्ट पर 'अविश्वास', ग्राहकों ने पूछा- क्या पूंजीपतियों के...

विश्वास बिल्ड होम प्रोजेक्ट पर ‘अविश्वास’, ग्राहकों ने पूछा- क्या पूंजीपतियों के नाम कर दिए गरीबों के फ्लैट?

  • सिरोही में विश्वास बिल्ड होम प्राइवेट लिमिटेड पर फ्लैट खरीददारों ने ठगी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • आरोप है कि जिस भूमि पर फ्लैट बने हैं, वह अभी भी राजस्व रिकॉर्ड में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है।
Vishwas Build Home fraud allegations by flat buyers in Sirohi | सिरोही में विश्वास बिल्ड होम ठगी मामला

सिरोही: विश्वास बिल्ड होम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित फ्लैटों की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। फ्लैट धारकों ने कंपनी के नियम-कायदों पर सवाल खड़े करते हुए संचालकों पर ठगी के आरोप लगाए हैं। फ्लैट धारकों का कहना है कि कंपनी ने उनके साथ धोखा किया है और जिन सुविधाओं का वादा किया गया था, वे पांच साल बाद भी पूरी नहीं हुई हैं। तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि यहां की सीवरेज व्यवस्था न केवल चरमराई हुई है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

विश्वास बिल्ड होम प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2018 में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत पांच वर्षों में फ्लैटों का निर्माण पूरा करना था। इस कंपनी के प्रोपराइटर अर्जुन कुमार और डायरेक्टर संजय अग्रवाल व लीला देवी हैं।

फ्लैट धारकों की ओर से कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग के लोगों को फ्लैट आवंटित किए जाने थे, लेकिन कंपनी ने मनमानी कीमत वसूलते हुए योजना की शर्तों का उल्लंघन किया।

फ्लैट धारकों ने क्लेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कंपनी के नियम-कायदों पर सवाल खड़े करते हुए संचालकों पर ठगी के आरोप लगाए हैं।

निर्माण में शर्तों की अनदेखी

फ्लैट धारकों का कहना है कि भवन निर्माण स्वीकृति में निर्धारित शर्तों के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। बिना अनुमति के मनमाने बदलाव किए गए, जिससे मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो गया। संचालकों ने फ्लैट धारकों को भ्रम में रखने के लिए एक सोसायटी का गठन भी कर दिया।

क्या यह जमीन कृषि भूमि है?

कलक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में फ्लैट धारकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, योजना खसरा नंबर 3066, 3067, 3068 और 3070 पर तैयार की गई, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि अभी भी बलवंत सिंह के नाम खातेदारी भूमि के रूप में दर्ज है। यह भूमि अब भी कृषि भूमि के रूप में दर्ज है।

फ्लैट पूंजीपतियों के नाम हुए?

फ्लैट धारकों का आरोप है कि मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अंतर्गत फ्लैटों का आवंटन आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग के लोगों को लॉटरी के जरिए किया जाना था, लेकिन बिल्डर ने इसे मनमाने तरीके से आवंटित किया। इसके अलावा, राज्य सरकार से अवैध रूप से योजना के नाम पर अनुदान भी प्राप्त कर लिया गया।

फ्लैट धारकों ने कलक्टर से मांग की है कि आवंटन और योजना की शर्तों की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए। इसके अलावा, मूलभूत सुविधाएं तुरंत मुहैया कराई जाएं और राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान की पुनः जांच की जाए। फ्लैट धारकों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

संबंधित ख़बरें

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें