*सूती से समृद्धि: प्रदेश में गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के नये दौर की शुरूआत
*बदलते वैश्विक परिदृश्य में वस्त्र निर्यातकों के लिए गेम चेंजर साबित होगी नई नीति
*10 वर्षों तक एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, स्टांप व विद्युत ड्यूटी में सौ फीसदी रियायत
*राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य,

जयपुर, 5 अप्रेल 2025। देश के चौथे सबसे बड़े कपास उत्पादक राज्य राजस्थान के लिए नई ‘राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025’ वरदान साबित होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि राजस्थान राज्य से होने वाले कुल निर्यात की टॉप 5 वस्तुओं में शामिल वस्त्र उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है।
राजस्थान में ‘फाइबर से फैशन तक’ के विजन के साथ सरकार ने इस नीति को लागू किया है। प्रदेश में ‘राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025’ लागू की है।
यह नीति प्रदेश को आधुनिक टेक्सटाइल एवं अपैरल विनिर्माण के नये केन्द्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किए जाने के बाद बदलते वैश्विक परिदृश्य में राजस्थान के वस्त्र निर्यातकों के लिए यह नीति गेम चेंजर भी साबित होने जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि इस नीति में प्राकृतिक एवं कृत्रिम फाइबर के उत्पादन को बढ़ाने से लेकर तकनीकी टेक्सटाइल्स और वस्त्र विनिर्माण, हैण्डलूम, ऊन प्रसंस्करण, चमड़े के उत्पाद, फुटवियर जैसे संबंधित क्षेत्रों को भी समाहित किया गया है।
नई पॉलिसी के तहत टेक्सटाइल उद्यमियों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता, कुशल कार्यबल, पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान व लॉजिस्टिक्स सहित आधारभूत सुविधाओं के विकास और निर्यात प्रोत्साहन के लिए पर्याप्त और आकर्षक वित्तीय इन्सेंटिव्स के प्रावधान किए गए हैं।
भाजपा सरकार ने पर्यावरणीय समस्याओं को विशेष ध्यान रखते हुए इस नीति में ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के तहत 12.5 करोड़ रूपए तक 50 प्रतिशत, अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए बैंकिंग, व्हीलिंग व ट्रांसमिशन शुल्क का 100 प्रतिशत, पेटेंट/कॉपीराइट लागत का 50 प्रतिशत एवं भूमि रूपांतरण शुल्क का 100 प्रतिशत पुनर्भरण के प्रावधान किए गए हैं।
भारतीय कपड़ा आयात पर लगभग 27 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ अमेरिका द्वारा लगाया गया है। इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी देशों जैसे बांग्लादेश (37 प्रतिशत), वियतनाम (46 प्रतिशत), कंबोडिया (49 प्रतिशत), पाकिस्तान (29 प्रतिशत) और चीन (34 प्रतिशत) की तुलना में कम है।
राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है और यहां भीलवाड़ा, जयपुर, पाली एवं बालोतरा जैसे टेक्सटाइल हब के वस्त्र निर्माताओं के लिए लंबी अवधि में यह स्थिति अमेरिका को वस्त्र निर्यात बढ़ाने के लिए अनुकूल साबित हो सकती है।
राजस्थान में टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र से जुड़े कुशल कार्यबल की भी पर्याप्त उपलब्धता है। इस परिदृश्य में प्रदेश में लागू की गई टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 उद्यमियों एवं निर्यातकों के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी।