सिरोही/सरुपगंज : ग्रामीणों की एकता की अनुपम मिसाल बना नानरवाड़ा गांव, स्वेच्छा से गौचर भूमि को किया अतिक्रमणमुक्त

सिरोही/सरुपगंज : ग्रामीणों की एकता की अनुपम मिसाल बना नानरवाड़ा गांव, स्वेच्छा से गौचर भूमि को किया अतिक्रमणमुक्त

  • गौचर भूमि में रौंपे 500 पौधे

गौरव अग्रवाल व दिनेश बोहरा की रिपोर्ट

फर्स्ट राजस्थान-सरुपगंज।

आमतौर पर अतिक्रमण हटाने का काम प्रशासन का होता है जिसमे प्रशासन पुलिस बल व अन्य सहयोग लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम देता है लेकिन नानरवाड़ा गांव के ग्रामीणों ने एकता की अनुपम मिसाल पेश करते हुए गांव में बैठक कर ग्रामीणों ने खुद ही गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाकर एक अभिनव पहल की जिसके आसपास के क्षेत्रों में जमकर सराहना की जा रही है।

जानकारी के अनुसार नानरवाड़ा गांव में गौचर भूमि में लंबे समय से पास के ही खेतो के खातेदारों ने कब्जा कर रखा था।कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासन से भी की थी लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नही हो पाई।ग्रामीणों का पशुओ से प्रेम था इसी को लेकर ग्रामीणों ने गांव में एक सामहिक बैठक की जिसमे कब्जेधारियों को गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए आग्रह किया।ग्रामीणों की बात के बाद अतिक्रमी भी मान गए और स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए राजी हो गए।ग्रामीणों की इस पहल से जंहा गौचर भूमि अतिक्रमण मुक्त हुई वंही अब गौचर भूमि को हरीतिमा से आच्छादित करने के प्रयास शुरू हो गए।

अब गौचर भूमि को हरीतिमा से आच्छादित करने की मुहिम-
ग्रामिणों ने ना केवल गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया बल्कि गौचर भूमि में करीब पांच सौ से अधिक पौधे रौंपे कर हरीतिमा से आच्छादित करने की मुहिम शुरू कर दी है।ग्रामीणों ने पौधारोपण कर उसकी सार संभाल का भी जिम्मा लिया और युवा वर्ग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।

ग्रामीणों की चंहुओर सराहना-
स्वेच्छा से गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और उसके बाद गौचर भूमि में पौधारोपण कर ग्रामीण परिवेश को हरीतिमा से आच्छादित करने के प्रयास की जमकर सराहना की जा रही है।पिंडवाड़ा तहसील के गांवो समेत जिलेभर में इस मुहिम की सराहना हो रही है।सोशल मीडिया पर भी ग्रामीणो को खूब वाहवाही मिल रही है।

सकारात्मक पहल से गांव हो रहा अतिक्रमण मुक्त-
ग्रामीणों की इस अभिनव पहल से जंहा गौचर भूमि अतिक्रमण मुक्त हुई वंही इसी प्रकार गांव भी अतिक्रमण मुक्त हो रहा है।ऐसे में इस सकरात्मक पहल की प्रशासन भी भूरी-भूरी प्रशंसा करता नजर आ रहा है।प्रशासन ने दूसरे गांवो व अतिक्रमियों को इससे सीख लेने की भी बात कही।

मुहिम में इनका रहा विशेष सहयोग-
गौचर भूमि से अतिक्रमण हटवाने के लिए वैसे तो पूरा गांव एकजुट था लेकिन इस पूरी मुहिम में पुर्व प्रधानाचार्य जवानाराम पुरोहित, किसान नेता दरजिंग पुरोहित, केसाराम पुरोहित, ओमप्रकाश पुरोहित,मुकेश पुरोहित, मनोज पुरोहित समेत अन्यो ने अपनी अलग भूमिका निभाई और अतिक्रमण हटवाने के लिए प्रेरित किया साथ ही गौचर भूमि में करीब पांच सौ से अधिक रौंपकर युवा वर्ग को इसकी सार-संभाल का संकल्प दिलवाया गया।

इनका कहना है-
गौचर भूमि से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर नानरवाड़ा गांव के लोगों ने अतिक्रमियों को एक संदेश दिया है।ग्रामीणों की इस पहल से अभिभूत हूं।दूसरे लोगों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
- गणपतसिंह चौहान,नायब तहसीलदार,भांवरी।