अभावों में जूझता यह युवक रात को चौकीदारी कर अब बना थानेदार

अभावों में जूझता यह युवक रात को चौकीदारी कर अब बना थानेदार

अभावों में जूझता यह युवक रात को चौकीदारी कर अब बना थानेदार
अभावों में जूझता यह युवक रात को चौकीदारी कर अब बना थानेदार
  • सांचौर के पिंटू राणा का पुलिस उपनिरीक्षक पद पर हुआ चयन
  • निजी कम्पनी में रात को करता था चौकीदारी
  • डिफेंस में जाने के जुनून से पाई मंजिल

फर्स्ट राजस्थान - जालोर।

कुछ करने का जुनून हो तो हर राह आसान हो सकती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है सांचौर के पिंटू राणा ने। जिसने अभावों में संकटों से जूझते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया। उसके जुनून का ही नतीजा है कि पिंटू एक निजी कम्पनी में रात को चौकीदारी करते हुए अब थानेदार ( पुलिस उपनिरीक्षक) बना है। पिंटू की सफलता से उन युवाओं को भी प्रेरणा मिली है, जो अभाव से गुजरते हुए मेहनत में जुटे हुए हैं।

पिता के पास नहीं थी जमीन, बंटाई से करते थे खेती
जालोर जिले के मूलतः सांचौर निवासी पिंटू राणा के पिता पूनमाराम भील के पास खुद की जमीन नहीं है। जिस कारण वे अन्य किसानों की जमीन पर बंटाई के रूप में खेती करते हैं। आर्थिक रूप से भी स्थिति कमजोर होने के कारण पिंटू के सामने संकट था। तीन भाइयों में पिंटू सबसे बड़ा है। सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने के बाद सांचौर क्षेत्र के एक निजी कॉलेज से स्नातक की। इसी दौरान आजीविका चलाने के लिए उसने एक निजी कम्पनी के आफिस में रात को चौकीदारी का काम शुरू किया। ताकि परिवार को कुछ सहयोग भी मिलता रहे।

पिंटू राणा, नवचयनित, पुलिस उपनिरीक्षक

डिफेंस में जाने का था जुनून, जिस कारण बना चौकीदार
बकौल पिंटू ने बताया कि उसकी रुचि शुरू से ही डिफेंस में जाने की रही। इस कारण पढ़ाई करने के लिए पैसे नहीं थे तो रात को चौकीदारी शुरू की और साथ ही रात को व खाली समय मे पढ़ना जारी रखा। इस कारण राजस्थान पुलिस की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में सफल हो गया।

एसटी वर्ग में 33 रैंक पर चयन
पिंटू के दो चाचा पुलिस में है। इसी कारण पिंटू ने भी सोचा कि जमीन नहीं होने से खेती का तो कोई विकल्प नहीं रहा। साथ ही डिफेंस में जाने का जुनून था, लिहाजा पिंटू ने सब इंस्पेक्टर की तैयारी शुरू कर दी। इससे उसे सफलता मिली। पिंटू की एसटी वर्ग में 33 वीं रेंक पर चयन हुआ है।

हाल ही में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा राजस्थान पुलिस के उप निरीक्षक का परिणाम जारी किया गया हैं । इस परिणाम में जालोर जिले के सांचौर से है । जिसका चयन राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक के पद पर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 33वी रेंक रही है।

इनका कहना है…

हम एक छोटे परिवार से है, घर का सारा ध्यान रखते हुए में निजी कम्पनी में चौकीदारी किया करता था, हमारे परिवार में मेरे दो चाचा पुलिस ने हेड कांस्टेबल पर कार्यरत है,उन्हीं की प्रेरणा से व मेरे पापा व गुरुजनों के आशीर्वाद से आगे उत्साहित होकर मैने मेहनत की। जिससे अच्छी रेंक से पुलिस में उप निरीक्षक पद पर चयन हुआ । मुझे मेरी मेहनत पर पूर्ण विश्वास था।
- पिंटू राणा, नवचयनित, पुलिस उपनिरीक्षक