शिमला/सिरोही।
फर्जी डिग्री घोटाले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय (MBU), सोलन के मालिक राजकुमार राणा की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब उनकी पत्नी अश्वनी कंवर और बेटे मनदीप राणा को भी शिकंजे में ले लिया है। ईडी ने विशेष अदालत में आवेदन दायर कर इन दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये दोनों फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं, और जांच से बचने के लिए भारत नहीं लौट रहे।
ईडी के अनुसार, इस मामले में अब तक 387 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का पता चला है, जिसमें फर्जी डिग्रियां बेचकर पैसे इकट्ठे किए गए। इसके अलावा, अब राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माधव यूनिवर्सिटी भी जांच के दायरे में आ गई है, जिसे राणा ने साल 2014 में स्थापित किया था।
क्या है पूरा मामला?
राजकुमार राणा हिमाचल प्रदेश के मानव भारती विश्वविद्यालय के संस्थापक हैं। जांच में पाया गया कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से देशभर में हजारों फर्जी डिग्रियां बेची गईं, जिससे करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। जब ईडी ने राणा की पत्नी और बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया, तो दोनों हाजिर नहीं हुए। कोर्ट द्वारा जारी समन और नोटिस का भी उन्होंने पालन नहीं किया। इसके बाद ईडी ने विशेष अदालत में अर्जी लगाई कि इन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए।

माधव यूनिवर्सिटी, सिरोही भी घेरे में
राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के भानपुरा खींची गांव में स्थित माधव यूनिवर्सिटी की स्थापना भी राजकुमार राणा ने की थी।
विश्वविद्यालय को 2014 में राजस्थान सरकार द्वारा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत मान्यता दी गई थी।
इस संस्थान में भी शैक्षणिक अनियमितताओं और संभावित फर्जी डिग्री वितरण की शिकायतें सामने आई हैं।
अब प्रवर्तन निदेशालय की नजर इस विश्वविद्यालय की फंडिंग, आय-व्यय और डिग्री वितरण प्रणाली पर है।
स्थानीय प्रशासन भी विश्वविद्यालय के कागजातों और संचालन की समीक्षा कर रहा है।
ईडी की कार्रवाई और आगे की संभावनाएं
कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित होते ही ईडी राणा परिवार की संपत्तियां जब्त कर सकती है, जिनमें देश-विदेश की बेनामी और अपराध की आय से अर्जित संपत्तियां शामिल हैं।
भारत सरकार ऑस्ट्रेलिया से प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर सकती है, ताकि अश्वनी कंवर और मनदीप राणा को भारत लाकर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
ईडी ने बताया कि मामले से जुड़े एजेंटों की संपत्तियां भी अटैच की जा रही हैं — अब तक ₹1.74 करोड़ की सात संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
मानव भारती यूनिवर्सिटी के फर्जी डिग्री घोटाले में अब तक 387 करोड़ की अवैध कमाई का खुलासा।
आरोपी अश्वनी कंवर और मनदीप राणा ऑस्ट्रेलिया में, कोर्ट में पेश नहीं हुए — ईडी ने भगोड़ा घोषित करने की मांग की।
राजस्थान की माधव यूनिवर्सिटी भी जांच के घेरे में — वहां भी डिग्री वितरण में अनियमितताओं की आशंका।
कोर्ट की मंजूरी के बाद संपत्तियां जब्त होंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू होगी।



